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विवेकाधीन अवकाश रोकने के आदेश पर भड़के शिक्षक

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बागेश्वर में शिक्षकों से मुलाकात के दौरान आदेश वापसी के संबंध में बीईओ को फोन पर निर्देश देते सीई - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली समय-समय पर विवादों में घिर जाती है। कुछ ऐसा ही शिक्षा विभाग में देखने को मिला है। मुख्य शिक्षाधिकारी के विवेकाधीन अवकाश रोकने के आदेश ने शिक्षकों को नाराज कर दिया। शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर इसका कड़ा विरोध किया। आदेश के विरोध में शिक्षकों ने सीईओ का घेराव भी किया। इसके बाद सीईओ ने आदेश को निरस्त कर दिया। हालांकि इस दौरान सोशल मीडिया पर विभाग की कार्यप्रणाली की जमकर किरकिरी हो चुकी थी।
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बृहस्पतिवार को गरुड़ के बीईओ ने गरुड़ ब्लॉक के सभी माध्यमिक विद्यालयों के लिए आदेश निकाला था, जिसमें प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को होली के दौरान विवेकाधीन अवकाश घोषित नहीं करने के निर्देश दिए थे। पत्र को मुख्य शिक्षाधिकारी के निर्देेेशानुसार जारी करने की बात कही गई थी। इस आदेश के आते ही माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक भड़क उठे। शिक्षकों ने आदेश के खिलाफ सोशल मीडिया ग्रुपों में अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। शिक्षकों कहा कहना था कि विवेकाधीन अवकाश लेने का निर्णय केवल प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक का होता है। ऐसे में इस पर रोक लगाने का तुगलकी फरमान जारी करना अनुचित है। आदेश के खिलाफ शुक्रवार को शिक्षक नेता राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष विजय गोस्वामी, जिला अध्यक्ष सीपी मिश्रा, मोहन साह, डॉ. शैलेंद्र धपोला, दीप जोशी आदि सीईओ के कार्यालय में धमक गए। वहीं गरुड़ के शिक्षक नेता गोपाल पंत, आलोक पांडेय, देवेंद्र मेहता आदि ने भी इस निणर्य पर कड़ी आपत्ति जताई। शिक्षकों के विरोध को देखते हुए अंतत: सीईओ को आदेश निरस्त करना पड़ा।
प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक के विवेक पर होता है अवकाश
बागेश्वर। विपरीत परिस्थितियों में विवेकाधीन अवकाश प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक ले सकते हैं। इस दौरान वह प्राकृतिक आपदा, पर्व या अन्य किसी आपातकालीन स्थितियों में अधिकतम तीन दिन का अवकाश विद्यालय में कर सकता है। ताजा मामला होली के अवकाश को लेकर था। विद्यालय चाहते थे कि बच्चों को होली में परेशानी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए अवकाश किया जाना चाहिए। इससे पहले कि प्रधानाचार्य अवकाश का निर्णय लेते विभाग की ओर से अवकाश नहीं करने का फरमान जारी हो गया।
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विवेकाधीन अवकाश प्रधानाचार्य अपने विवेक के अनुसार ले सकते हैं। गरुड़ ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से जारी आदेश को निरस्त कर दिया गया है। होली में प्रधानाचार्य अपने विवेक के अनुसार विद्यालय बंद करा सकते हैं। - पदमेंद्र सकलानी, सीईओ बागेश्वर।
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