बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में दो दिवसीय हिंदी भाषा संगोष्ठी शुरू हो गई है। मुख्य अतिथि अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से पहुंचे गुरुवचन सिंह ने कहा हिंदी भाषा शिक्षण की पूरे देश में कई चुनौतियां हैं। शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए शिक्षण में आजादी देने की आवश्यकता है। शिक्षकों को स्व अधिगम और स्वचिंतन के अवसर मिलने चाहिए। शिक्षकों को और अधिक मानवीय होने की जरूरत है।
डायट के प्राचार्य एसबी जोशी ने कहा भाषा शिक्षण की चुनौती से निपटने के लिए मातृ भाषा को प्राथमिक शिक्षण में महत्व देना चाहिए। राज्य के सभी शिक्षकों की नवाचारी गतिविधियों पर संगोष्ठी से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. केएस रावत ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डायट के राज्य स्तरीय हिंदी भाषा उत्कृष्टता केंद्र के रूप विकसित होने से जिले के शिक्षकों को भाषा की चुनौती से निपटने में आसानी होगी।
प्रथम सत्र में पढ़े गए दस शोध पत्रों में भाषा शिक्षण और पुस्तकालय का उपयोग, समग्रता में भाषा शिक्षण समृद्ध माहौल में पढ़ना, लेखन और खेल के माध्यम से भाषा सीखना, प्राथमिक कक्षाओं में भाषा शिक्षण के बारे में बताया गया।
इससे पहले डायट सभागार में मुख्य अतिथि गुरुवचन सिंह ने संगोष्ठी का शुभारंभ किया। महात्मा गांधी की स्मृति पर आधारित गांधी दीवार का विमोचन किया गया। संगोष्ठी में राज्य के 13 जिलों से 90 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डायट दिल्ली से शारदा कुमारी, डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. एसएस धपोला, डॉ. पंकज दुबे, कमलेश जोशी, राजीव शर्मा, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. राजीव जोशी, राजीव कुमार जोशी, रवि कुमार जोशी, केएस जोशी, जगदीश दफौटी, अल्मोड़ा डायट से डॉ. हरीश जोशी, डायट भीमताल से डॉ. विमल किशोर, डायट रुद्रप्रयाग से डॉ. विजय कुमार, डीडीहाट से डॉ. गोविंद धपोला, डॉ. केएस रावत, ब्रजेश जोशी, विक्रम पिलख्वाल, विनोद कुमार, डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, प्रेमा कालाकोटी, तनुजा पाठक, रेखा कालाकोटी, योगेंद्र डंगवाल, ख्याली दत्त पांडे, केशवानंद जोशी, रेनू जोशी, ज्योति पांडे, पूनम साह, दीक्षा जोशी, संदीप कुमार जोशी, बीडी पांडे, विजय कुमार मौजूद थे।