बागेश्वर/कपकोट। प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर राजकीय शिक्षकों की बेमियादी हड़ताल शनिवार को छठे दिन भी जारी रही। खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय बागेश्वर और कपकोट के प्रांगण में हुई सभाओं में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से हठधर्मिता छोड़ने को कहा।
तय किया गया कि प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान का पालन किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बागेश्वर के प्रांगण में भीम सिंह कोरंगा की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार नो वर्क नो पे का फरमान जारी कर रही है जबकि पूरे सूबे में रमसा और प्लान के शिक्षकों को नियमित काम करने के बावजूद वह शिक्षकों को साल में सिर्फ पांच-छह महीने ही वेतन देती है।
तब सरकार को याद क्यों नहीं आती है कि शिक्षक नियमित रूप से काम कर रहे हैं और उन्हें समय से वेतन भी देना है। शिक्षकों को फुल वर्क फुल वेतन देना चाहिए था। वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन किया जाएगा। संजय गुरुरानी ने संचालन किया। सभा में सरकार के अड़ियल रुख की निंदा कर प्रांतीय कार्यकारिणी का आह्वान पूरा करने का संकल्प लिया गया।
धरना देने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष बीडी पांडे, मंत्री मोहन चंद्र साह, बीसी जोशी, मोहन धामी, बीएस रावत, नीलम कार्की, गणेश गोस्वामी, इंद्रा धपोला आदि थे। उधर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कपकोट में धरना देने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह बिष्ट, ब्लॉक मंत्री महिमन ऐठानी, जिला मंत्री विजय गोस्वामी, आलोक पांडे, प्रदीप जोशी, मुकुल भाकुनी, अंकित रौतेला, राधिका पाठक आदि थे।