शिक्षा विभाग ने चार साल से गैर हाजिर शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी है। विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी शिक्षिका विद्यालय में उपस्थित नहीं हुई थी।
जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आकाश सारस्वत ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनतोली में तैनात प्रधानाध्यापिका सरिता रावत 14 नवंबर 2011 से अनुपस्थित चल रही थीं।
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उनको चार फरवरी 2014 को पहला नोटिस दिया गया। इसके बाद 25 फरवरी और सात अगस्त 2014 को नोटिस भी नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद वह विद्यालय में उपस्थित नहीं हुईं तो समाचार पत्रों में 10 जनवरी 2015 को अंतिम नोटिस प्रकाशित किया गया। इसके बावजूद प्रधानाध्यापिका की ओर से डिस्क स्लिप होने के पत्र मिलते रहे।
वह एक बार भी स्वयं उपस्थित नहीं हुईं। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराने पर शिक्षा निदेशक बेसिक की ओर से इस मामले में तथ्यों की जांच कर स्पीकिंग आर्डर दिया गया था। शिक्षिका के लगभग चार साल आठ माह तक लगातार अनुपस्थित रहने से विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित हुआ। डीईओ सारस्वत ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, कर्मचारी आचरण संहिता का उल्लंघन और शिक्षा में व्यवधान डालने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।