जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में टीचर एजुकेटर्स फोरम के बैनर तले एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षक शिक्षा संवर्ग के गठन होने के बावजूद अभी तक दुविधा की स्थिति बने रहने पर मंथन किया गया। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए प्रदेश में चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर गहनता से विचार विमर्श करते हुए गुणवत्ता सुधार का संकल्प लिया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. केएन कांडपाल ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का विजन शिक्षक शिक्षा संवर्ग का अलग से गठन कर यूजीसी एवं एनसीटीई के मानकों के अनुसार संबंधित संस्थानों में पदों को भरा जाना है। इसके लिए पांच साल पहले मंत्रालय राज्यों के शिक्षा विभाग को स्पॉट गाइड लाइन जारी कर चुका है।
अभी तक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण विभाग का स्वतंत्र निदेशक नहीं बन पाया है। कहा कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत अभिकर्मियों की सेवा शर्तें भी ठीक से परिभाषित नहीं हो पाई हैं। स्थानांतरण की नियमावली नहीं बनने से एक ही संस्थान में रहने को बाध्य होना पड़ता है।
डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी के संचालन में आयोजित गोष्ठी में डॉ. विमल थपलियाल, डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. केएस रावत, डॉ. चंद्रमोहन जोशी, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. मनोज कुमार, संदीप जोशी, एपी सिंह, भैरव पांडे, डॉ. दया सागर आदि थे।