कपकोट (बागेश्वर)। शामा में चल रही भूख हड़ताल को खुलवाने के लिए तहसीलदार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता विफल रहने के बाद अनशनकारी भूपेंद्र कोरंगा ने जल का भी त्याग कर दिया है।
शुक्रवार को तहसीलदार नितिशा आर्या दस सूत्रीय मांगों पर चर्चा करने के लिए शामा के रामलीला मैदान में पहुंची। कई मांगों को लेकर सकारात्मक वार्ता भी हुई, लेकिन पहली मांग शराब की दुकान हटाने पर मामला अटका रहा। ग्राम प्रधान नरेंद्र कोरंगा ने बताया कि प्रशासन शराब की दुकान हटाना नहीं चाहता है। इसे देखते हुए आंदोलन को तेज करते हुए कोरंगा ने जल भी त्याग दिया है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि शराब की दुकान हटाने के मामले में पेंच फंसा है। बाकी अधिकांश मागों पर सकारात्मक वार्ता चल रही है। संवाद