बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के लिए नुमाइशखेत मैदान में लगे झूले और चरखे हटने शुरू हो गए हैं। नगरपालिका ने व्यापारियों को रविवार तक दुकानें भी हटाने को कहा है। हालांकि कारोबारी कुछ दिन और कारोबार करने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।
नुमाइशखेत मैदान के एक छोर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच बनाया जाता है। आधे हिस्से में झूले, टॉय ट्रेन आदि लगाए जाते हैं। मैदान के ऊपरी छोर पर विकास प्रदर्शनी और बाहरी व्यापारियों की दुकानें लगती हैं। उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, लुधियाना आदि क्षेत्रों से आने वाले व्यापारी कपड़े, बर्तन आदि सामान बेचकर लाभ कमाते हैं। मेला संपन्न होने के बाद भी इन व्यापारियों को कारोबार करने का मौका मिलता है। हालांकि गणतंत्र दिवस से पूर्व मैदान को हर साल खाली करा दिया जाता है। बाहरी व्यापारियों का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण इस महीने के अंत तक कारोबार करने की अनुमति दी जानी चाहिए। नगरपालिका के ईओ विनोद जीना ने बताया कि व्यापारियों को केवल मेले तक कारोबार करने की अनुमति दी जाती है। नुमाइशखेत मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन होना है। बाहरी व्यापारियों को आज शाम तक दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए हैं।