स्वराज अभियान वर्किंग कमेटी की बैठक में वक्ताओं ने वैकल्पिक राजनीति को जरूरी बताया। कहा कि कांग्रेस से भाजपा, भाजपा से कांग्रेस के बीच झूलना निरर्थक है। इसके लिए प्रदेशभर में शिक्षा स्वराज यात्रा निकलेगी।
प्रकटेश्वर मंदिर सभागार में हुई बैठक में राज्य में शिक्षा की दुर्गति को पलायन समेत तमाम समस्याओं की जड़ मानते हुए शिक्षा स्वराज आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाने पर चर्चा की गई। अध्यक्षता करते हुए बृजकिशोर वर्मा ने कहा कि पूरा राज्य माफिया के कब्जे में आ गया है।
स्वराज अभियान की कमला पंत ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय को राज्य में लागू करने से ही यहां की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जा सकती है। वास्तविक शिक्षा व्यवस्था स्थापित होने से बेरोजगारी, कृषि विनाश, शराबखोरी, पलायन जैसी समस्या सुलझेगी।
तय किया गया कि इस मुद्दे पर एक लाख हस्ताक्षरों का ज्ञापन मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। पूरे प्रदेशभर में 73 पड़ावों से गुजरती हुई शिक्षा स्वराज यात्रा निकलेगी। यात्रा में खेती, किसानी के विनाश, भ्रष्टाचार, प्राकृतिक संसाधनों की लूट, बेरोजगारी, शराब के प्रकोप, गैरसैंण राजधानी आदि मुद्दों पर भी जनजागरण किया जाएगा।
अप्रैल तक जिला, ब्लॉक समितियों के गठन का निर्णय किया जाएगा। बैठक में जिंदल ग्रुप द्वारा उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी पर किए गए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। नागरिक मंच की ओर से शिक्षा स्वराज पर गोष्ठी भी हुई।
इसमें वक्ताओं ने कहा कि सरकारों ने शिक्षा को समाज के निर्माण का औजार बनाने के बदले एक मुनाफाखोर धंधा बना देने चिंता जताई गई। सुनील कांडपाल, डीके जोशी ने संचालन किया।
वहां जिला संयोजक एनबी भट्ट, अवकाश प्राप्त शिक्षा निदेेशक नंदनंदन पांडे, राजीव लोचन साह, आलोक गंगोला, डॉ. केएन कांडपाल, डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. केएस रावत, डॉ. जितेेंद्र तिवारी, डॉ. राजीव जोशी, पंकज पांडे, मनोज ध्यानी, तुषार रावत, कुलदीप, राजीव कुमार, नंदाबल्लभ पंत, रमेश कुमार मुमुक्षु, किशन राणा, प्रेम कुमार आदि थे।