अल्मोड़ा-बागेश्वर मार्ग पर काफलीगैर के समीप यात्रियों से भरी टाटा सूमो सोमवार तड़के खाई में गिर गई। हादसे में चालक सहित सात यात्रियों की मौत हो गई जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक शिक्षक, एक फौजी और चालक भी शामिल है। घायलों में एक को हल्द्वानी रेफर किया गया है, सेना के एक जवान का रानीखेत अस्पताल में जबकि अन्य दो का इलाज बागेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है। आशंका है है कि हादसा चालक को झपकी आने से हुआ होगा।
टाटा सूमो संख्या यूके 02 टीए-0597 रविवार रात हल्द्वानी से यात्रियों को लेकर बागेश्वर के लिए चली थी। सोमवार तड़के चार बजे के करीब अल्मोड़ा ताकुला मार्ग पर काफलीगैर के समीप हनमुान मंदिर पर जीप असंतुलित होकर लगभग डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में गिर गयी। इसमें भागीरथी (बागेश्वर) निवासी 40 वर्षीय महेश भट्ट पुत्र नरोत्तम भट्ट, सुखरौ (कोटद्वार) निवासी 34 वर्षीय सुभाष चंद्र पुत्र ऋषिराज, असौं (बागेश्वर) निवासी 20 वर्षीय यश मेहता पुत्र मोहन सिंह मेहता, कफल्टनिया गाड़गांव (बागेश्वर) निवासी 38 वर्षीय दिनेश चंद्र पुत्र पुत्र धर्मानंद, चालक मूल रूप से थल हाल बागेश्वर निवासी 21 वर्षीय बबलू पुत्र मनोहर सिंह दानू की मौके पर ही मौत हो गई। चिड़ंग (बागेश्वर) निवासी 38 वर्षीय गोकुल सिंह चौहान पुत्र विशन सिंह चौहान, असौं ( कपकोट) निवासी 31 वर्षीय उमेद सिंह शाही पुत्र गोकुल सिंह शाही, निषाद मंडी जसपुर निवासी 19 वर्षीय आरिफ पुत्र शाकिर हुसैन, कपकोट निवासी 24 वर्षीय संतोष पुत्र भगवत राम, जीतनगर मंडलसेरा (बागेश्वर) निवासी 25 वर्षीय अमित पुत्र भगवत राम और भाकड़पंत कांडा निवासी 26 वर्षीय देवेंद्र पुत्र तारा राम गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और 108 सेवा को हादसे की सूचना दी। 108 से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। गोकुल सिंह चौहान ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। अमित और देवेंद्र को हल्द्वानी के लिए रेफर किया गया, अमित की रास्ते में मौत हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उमेद सिंह शाही को रानीखेत के सैनिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। आरिफ और संतोष का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों में सुखरौ (कोटद्वार) निवासी सुभाष चंद्र कपकोट में शिक्षक थे। गोकुल सिंह चौहान नगा रेजिमेंट के 26 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे वह छुट्टी में घर आ रहे थे। घायल उमेद सिंह शाही कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात हैं।
नींद से जागते ही हादसे की खबर
सुबह जब लोगों की नींद खुली तो शहर में ऐंबुलेंस के सायरन बज रहे थे। लोगों ने घरों से निकलकर जानकारी ली तो उन्हें हादसे का पता चला। जिन लोगों के परिजन हल्द्वानी से आने वाले थे वे चिंता में डूब गए।
मदद के लिए दौड़े ग्रामीण
काफलीगैर में सुबह जिस वक्त हादसा हुआ, लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जीप के गिरने की आवाज और घायलों की चीख-पुकार से वे जाग गए और घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। जिस खाई में जीप गिरी थी वहां गधेरा भी था और इसी बीच बूंदाबांदी भी शुरू हो गई । जिसके चलते राहत कार्य में लोगों को परेशानी हुई।
पुलिस ने दिखाई तत्परता
झिरोली का थाना दुर्घटना स्थल के पास ही है। हादसे के तुरंत बाद ही वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहन चंद्र जोशी के नेतृत्व में पुलिस और स्थानीय लोग वहां पहुंचे। उन्होंने मृतकों के शवों और घायलों को खाई से निकाला।
झपकी बनी हादसे का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा ऐसे स्थान पर हुआ है, जहां सड़क चौड़ी है। वाहन भी मात्र तीन साल पुराना है। संभवतया चालक को नींद की झपकी आ जाने से जीप दुर्घटनाग्रस्त हुई होगी। घायलों के अनुसार हल्द्वानी से सवारियां भरकर जीप रविवार की रात साढे़ दस बजे रवाना हो गई थी।