शराब के खिलाफ ज्ञापन देते छात्र नेता।
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काफलीगैर और कांडा में शराब विरोधी आंदोलन चलाने वाली महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर युवा छात्र शक्ति मुखर हो गई है। छात्र नेताओं ने जिला प्रशासन से चार दिन के भीतर महिलाओं पर दर्ज मुकदमे बिना शर्त वापस लेने की मांग की है। इधर उक्रांद ने महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उक्रांद ने कहा कि प्रदेश सरकार माफिया के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है।
पीजी कालेज बागेश्वर के छात्र नेता ललित गिरी गोस्वामी सहित तमाम छात्र नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में जिले के सभी शराब के ठेकों को बंद करने की मांग की है। छात्र नेताओं का कहना है कि शराब के कारण पहाड़ बरबाद हो रहा है। यहां की युवा पीढ़ी को नशे के आगोश में जाने से बचाने के लिए महिलाएं शराबबंदी की मांग कर रही है। ऐसी आंदोलनकारी महिलाओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने जिले के सभी शराब के ठेकों को बंद करने के साथ ही आंदोलनकारी महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है। इधर उक्रांद जिलाध्यक्ष मनोज जोशी ने शराब के खिलाफ आंदोलन कर रही महिलाओं और छात्र युवा शक्ति को अपना समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारी महिलाओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार को शराब के बजाय युवाओं को रोजगार देने में अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिले में शराब विरोधी महिला आंदोलनकारियों के नेतृत्व में रैली निकाली जाएगी। प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।