बागेश्वर के सरयू पुल में खड़े लावारिश जानवर।
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बागेश्वर नगर के सभी पुलों को लावारिस पशुओं ने अपना आरामगाह बना लिया है। पुलों पर पशुओं के डेरा डाले रहने से जहां एक ओर यातायात व्यवस्था चरमरा रही है वहीं राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है।
कुछ पशुपालक बूढ़ी गायों और बछड़ों को नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर छोड़ देते हैं। यह पशु शहरों की गलियों और सड़कों में लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं। नगर में भी लावारिस पशु बड़ी समस्या बन चुके हैं।
पिछले साल सड़क में घूमने वाले लावारिस सांडों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इस तरह की घटनाओं के बाद नगरपालिका द्वारा दर्जनों पशु गो सदन भेजे गए। इसके बावजूद लावारिस पशुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है।
एक बार फिर पशु नगर में परेशानी का कारण बनने लगे हैं। इन पशुओं ने सरयू पुल और विकास भवन के पुल को डेर बनाया है। इससे पुलों पर यातायात व्यवस्था बार-बार चरमरा रही है। नगरवासियों ने नगरपालिका से इन पशुओं को गोसदन भेजने की मांग की है।