कुंवारी गांव में विधायक को समस्याएं बताते आपदा प्रभावित ग्रामीण।
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अतिसंवेदनशील कुंवारी गांव में पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावित परिवारों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। कपकोट के एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट प्रतिदिन बदियाकोट जाकर बेस कैंप से प्रभावित क्षेत्र में की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
कुमाऊं और गढ़वाल की सीमा पर बसे कुंवारी गांव में 10 मार्च की शाम से शुरू हुआ भूस्खलन अब भी जारी है। प्रशासन ने यहां रह रहे 30 परिवारों को सोमवार को ही गांव से लगभग आठ सौ मीटर दूर चौड़ाडब नामक स्थान पर टैंटों में विस्थापित किया है। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय विधायक बलवंत भौर्याल ने गांव का दौरा किया था। इस दौरान टैंटों में रह रहे ग्रामीणों ने प्रधान किशन सिंह दानू के नेतृत्व में विधायक को आपबीती सुनाई।
इस पर उन्होंने सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करने का आश्वासनस दिया। उनके साथ ब्लाक प्रमुख मनोहर राम, मंडल अध्यक्ष शेर सिंह बिष्ट, रमेश गढ़िया, राजू दानू, चंदन दानू, जीतेंद्र दानू आदि मौजूद थे।
तीन माह का खाद्यान्न बांटा
कुंवारी गांव के आपदा पीड़ित परिवारों को तीन माह का अतिरिक्त खाद्यान्न वितरित किया गया है। डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि जिला पूर्ति विभाग द्वारा 50 लीटर केरोसिन भी प्रभावित क्षेत्र को भेज दिया है। राइंका बदियाकोट में बनाए गए बेस कैंप में सभी
आवश्यक सामग्री रखी गई है।
आज होगी ड्रोन से फोटोग्राफी
कुंवारी गांव की पहाड़ी में हो रहे भूस्खलन के कारण आसपास जाने में खतरा बना हुआ है। भूस्खलन की स्थिति का पता लगाने के लिए अब ड्रोन कैमरे से पहाड़ी, अन्य प्रभावित एरिया की तस्वीरें उतारी जाएंगी। एसडीएम आरएस बिष्ट ने बताया कि इसके लिए टीम कुंवारी गांव को रवाना हो गई है।