बागेश्वर। जिला अस्पताल में रोजाना लोग पथरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हर आयु वर्ग के लोग इससे परेशान हैं लेकिन ऑपरेशन करवाने के लिए लोगों को बाहरी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में तकनीकी सर्जरी की सुविधा न होना इसका मुख्य कारण है।
केवल जिला अस्पताल में सर्जन की तैनाती होने के कारण कपकोट, कांडा और गरुड़ के लोग पथरी के ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पर निर्भर रहते हैं लेकिन अस्पताल में आज भी पथरी के ऑपरेशन पुरानी विधि से किए जाते हैं। जिस वजह से अधिकतर लोग अस्पताल से ऑपरेशन न करवा कर अल्मोड़ा, हल्द्वानी, बरेली की तरफ नई तकनीक से बिना चीर फाड़ के ऑपरेशन करवाने जा रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल में रोजाना तीन से चार मरीज पथरी की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। 90 फीसदी तक मरीजों का उपचार दवाइयों से हो जाता है, लेकिन 10 फीसदी मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अधिकतर लोग पथरी का ऑपरेशन पुरानी विधि से नहीं करवाना चाह रहे हैं। अस्पतालों में उपलब्ध नई तकनीक लेप्रोस्कोपी और रोबोटिक ऑपरेशन का प्रयोग लोग करना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने के लिए सहमत होते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण अधिकतर मरीज अन्य जगहों से ऑपरेशन करा रहे हैं।