बागेश्वर। ठंड के मौसम में जिले की पिंडर घाटी के गांव बर्फ से आच्छादित हो जाते हैं। कई बार रास्ते बंद होने से क्षेत्र का संपर्क भी जिला मुख्यालय से कट जाता है। इसलिए घाटी के चार खाद्य गोदामों में सरकारी सस्ते गल्ले का छह महीने का राशन एक साथ भेजा जाने लगा है।
पिंडर घाटी के चार खाद्य गोदाम बदियाकोट, उंगिया, वाछम और खाती में बने हैं। बदियाकोट के गोदाम से बदियाकोट, बोरबलड़ा, कुंवारी, किलपारा, कालो गांव के सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान में राशन की आपूर्ति की जाती है।
उंगिया के खाद्य गोदाम से सोराग, उंगिया, तीख और डौला गांव की दुकान में राशन पहुंचता है। वाछम और खाती में बने गोदाम से इन्हीं गांवों की दुकानों के लिए राशन बांटा जाता है।
बदियाकोट के गोदाम में करीब 200 क्विंटल गेहूं और चावल पहुंच चुका है। विभाग ने अन्य गोदामों में भी इसी महीने राशन पहुंचाया जाएगा।
किस गोदाम में कितना राशन जाएगा
गोदाम - गेहूं - चावल (मात्रा क्विंटल में)
बदियाकोट - 265 - 476
उंगिया - 141 - 230
वाछम - 145 - 257
खाती - 32 - 66
बर्फबारी वाले इलाकों में छह महीने का राशन एक साथ भेजा जा रहा है। बदियाकोट के गोदाम में एकाध दिन में पूरा राशन पहुंच जाएगा। अन्य गोदामाें में इस महीने के अंत तक राशन पहुंचा दिया जाएगा। - मनोेज कुमार बर्मन, जिला पूर्ति अधिकारी, बागेश्वर।