बागेश्वर। इस बार का पंचायत चुनाव द्वारी के ग्रामीणों के लिए दोहरी खुशी लाया। नव गठित ग्राम पंचायत के लिए ग्रामीणों ने पहली बार मतदान किया और पहली बार ही ग्रामीणों को पांच किमी की पैदल दौड़ लगाने से मुक्ति मिली। गांव में बूथ बनने के बाद करीब 80 साल की बुजुर्ग जेठानी-देवरानी कमई देवी और भानुली देवी भी लाठी टेककर मतदान के लिए एक किमी दूर बूथ तक पहुंचीं।
द्वारी ग्राम पंचायत में 79 पुरुष, 74 महिला समेत 153 मतदाता पंजीकृत हैं। गांव का पोलिंग बूथ राप्रावि द्वारी की दूरी गांव से करीब एक किमी है। इससे पूर्व द्वारी ग्राम पंचायत बास्ती का हिस्सा था। वहां के पोलिंग बूथ तक पहुंचने के लिए मतदाताओं को पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। बुजुर्ग मतदाताओं को डोली पर बैठाकर ले जाना पड़ता था। सामाजिक कार्यकर्ता केदार महर ने बताया कि नजदीक पोलिंग बूथ होने से लोगों में काफी उत्साह दिख रहा है।
मां का फर्ज और मतदान की ड्यूटी एक साथ
बागेश्वर। कपकोट के दूरस्थ गांव रातिरकेटी के पोलिंग बूथ पर शिक्षिका आरजू सैनी ने पांच साल की बेटी की देखभाल के साथ मतदान कार्मिक की ड्यूटी निभाई। राप्रावि तोली में तैनात शिक्षिका आरजू ने बताया कि उनके पति भी साथ आए हैं जिसके चलते उन्हें दोनों जिम्मेदारियों में तालमेल बिठाने में आसानी हुई।