वेतन विसंगति व सातवें वेतनमान का लाभ देने सहित 22 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। विकास भवन में धरना देने के बाद मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
वेतन विसंगति दूर करने, एसीपी के अंतर्गत प्रोन्नत वेतनमान की पूर्व व्यवस्था को बहाल करने, सातवें वेतनमान के अंतर्गत केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह भत्ते एवं एरियर का भुगतान करने, बायोमेट्रिक व्यवस्था से फील्ड कर्मचारियों को मुक्त रखने सहित 22 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कर्मचारी सोमवार को सड़कों पर उतर आए।
कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर विकास भवन परिसर में धरना दिया। परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र पंत ने कहा कि लंबे समय से परिषद की मांगें लंबित हैं। आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
महामंत्री कैलाश भट्ट ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, संघर्ष जारी रखा जाएगा। इसके बाद परिषद के पदाधिकारियों ने सीडीओ के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा।
धरना प्रदर्शन करने वालों में पीएस परिहार, गोकुल रावत, केडी जोशी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, बीसी उपाध्याय, आन सिंह, श्याम सिंह चम्याल, राजन फर्त्याल सहित कृषि, उद्यान, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशुपालन, वन, लघु सिंचाई, बाल विकास सहकारिता आदि विभागों के कर्मचारी शामिल थे।