राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को राज्य आंदोलनकारी का प्रमाण पत्र नहीं देने से नाराज राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। बाद में सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
राज्य स्थापना दिवस पर बृहस्पतिवार सुबह सभी राज्य आंदोलनकारी कांडा के कालिका मंदिर परिसर में एकत्र हुए। राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष वंशीधर कांडपाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने 17 साल पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद कांडा क्षेत्र के 83 आंदोलनकारियों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा नहीं मिला है।
आंदोलनकारियों की ओर से सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद भी प्रशासन की ओर से उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रशासन की अनदेखी से खिन्न होकर उन्हें आज स्थापना दिवस को काला दिवस मनाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रकाश चंद्र, भगवान सिंह माजिला, देवेंद्र कुमार, सुरेश पंत, भास्कर जोशी, दीप चंद्र, आलम सिंह मेहता, सुरेंद्र सिंह माजिला आदि राज्य आंदोलनकारी थे।
गुसांई सिंह के नाम पर रखा स्कूल का नाम
राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन के महासचिव दिनेश बिष्ट ने राइंका दफौट का नाम प्रमुख राज्य आंदोलनकारी स्व. गुसांई सिंह दफौटी के नाम पर रखे जाने की मांग की है। सीएम को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि स्व. दफौटी ने राज्य आंदोलन सहित तमाम आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभाई।
बागेश्वर तक रेल लाइन के निर्माण की मांग उठाने वाले भी स्व. गुसांई सिंह ही थे। आंदोलनों में भागीदारी के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। उन्होंने जिला गठन, राज्य गठन सहित तमाम लड़ाइयों में अहम भूमिका निभाने वाले स्व. दफौटी का जिला मुख्यालय में स्मारक बनाने की मांग भी की है।