जिले के विभिन्न स्थानों पर मानकों को ताक पर रखकर खड़िया खनन किया जा रहा है। अवैध रूप से खड़िया खनन की शिकायत करने पर प्रशासन, खनन और भू-वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम को तमाम अनियमितताएं मिली हैं। टीम ने मानकों के अनुसार खनन कार्य नहीं करने वाले पट्टा धारकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर डीएम को रिपोर्ट भेज दी है।
शनिवार को एसडीएम कांडा रिंकू बिष्ट और खनन उपनिदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में खनन, भू वैज्ञानिक व राज्य विभाग की संयुक्त टीम ने गणवा सरमोली में हो रहे खड़िया खनन का निरीक्षण किया। इस दौरान सीमांकित क्षेत्र में पिलर नहीं पाए गए। टीम को मलबे के कारण भविष्य में अंबेडकर विद्यालय को खतरा होने की आशंका भी नजर आई। एक अन्य खदान क्षेत्र में खड़िया खनन के कारण सिंचाई गूल, नाला, पैदल मार्ग और स्वजल द्वारा निर्मित पेयजल टैंक ध्वस्त मिला।
गधेरे में मलबा डालने के कारण पानी भी दूषित पाया गया। स्वीकृत क्षेत्र में पिलर नहीं मिले। जांच टीम के अनुसार मानकों के विपरीत खड़िया खनन पर इससे पूर्व भी पट्टाधारक पर जुर्माना लगाया जा चुका है। टीम के अधिकारियों का कहना है कि पट्टाधारक को मकान और गधेरों से नियमानुसार दूरी रखते हुए खनन कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। संयुक्त निरीक्षण के बाद एसडीएम ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।