बागेश्वर। प्रदेश में कई जिलों में गोवंश में लंपी वायरस के लक्षण मिलने के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में बाहर से लाए जाने वाले पशुओं की सीमा पर चेकिंग की जाएगी। स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र दिखाने के बाद ही पशु को जिले में लाने और परिवहन की अनुमति मिलेगी। वहीं, नगर निकायों और जिला पंचायत को नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मक्खी और मच्छरों को खत्म करने के लिए कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग करने के निर्देश दिए हैं।
लंपी वायरस का प्रकोप पूरे देेश के साथ प्रदेश में भी फैल रहा है। जिले में अब तक संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन एक सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। लंपी के खतरे को देखते हुए डीएम रीना जोशी ने जिले की सीमाओं पर बनी चौकियों को बाहर से लाए जाने वाले पशुओं की निगरानी के लिए वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं। बाहर से पशु लाने वाले वाहनों को पशुपालन विभाग के राजकीय पशु चिकित्सालयों पर नियुक्त क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी की ओर से पशु के संक्रामक रोग से मुक्त स्वस्थता का प्रमाण पत्र दिखाना होगा, तभी पशु को जिले में प्रवेश और परिवहन की अनुमति दी जाएगी। डीएम ने शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत को बीमारी के संवाहक मक्खी, मच्छरों के उन्मूलन के लिए नियमित रूप से कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
इधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर चंद्रा ने बताया कि जिले में पशुओं को लंपी वायरस संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। पशुपालकों को जरूरी सावधानियां बरतने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।