कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के दुर्गम गांव सोराग में खसरा, वायरल, फीवर, सर्दी, जुकाम से कई लोग पस्त हैं। गांव में एएनएम, फार्मेसिस्ट न होने से लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कपकोट कर्मी, बाछम बदियाकोट सड़क के बंद होने के कारण रोगियों को यहां से 40 किमी दूर तहसील मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट जाने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
ग्राम प्रधान ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी को चिकित्सा टीम शीघ्र भेजने की मांग की है। सोराग के ग्राम प्रधान चंद्र राम ने बताया कि गांव में 25 से अधिक लोग खसरा, वायरल, फीवर से पस्त हैं। पांच से अधिक बच्चों के शरीर में चेहरे, हाथ, पैर में दाने उभरे हैं। जिन्हें खसरा बताया जा रहा है। गांव के एएनएम सेंटर में न तो एएनएम है और न ही फार्मेसिस्ट है। नजदीक में कोई अन्य अस्पताल न होने के कारण रोगियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। कपकोट कर्मी, रिखाड़ी बाछम बदियाकोट सड़क के बंद होने के कारण रोगियों को 35 किमी दूर तहसील मुख्यालय के अस्पताल में जाना पड़ रहा है।
इसमें उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। प्रधान ने बताया कि उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी से चिकित्सा टीम शीघ्र भेजने की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस रावत ने कहा कि विभागीय टीम को दवाईयां लेकर शीघ्र भेजा जाएगा।