मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले दिनों नगर भ्रमण के दौरान बागनाथ मंदिर परिसर में संग्रहालय, धर्मशाला और चहारदीवारी निर्माण की घोषणा की थी। प्रशासन सीएम की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने में जुट गया है। शनिवार को डीएम भूपाल सिंह मनराल के निर्देश पर तहसीलदार पदम सिंह रावत ने पुरातत्व विभाग के प्रभारी सीएस चौहान को साथ लेकर बागनाथ, कालभैरवनाथ मंदिर के पुजारियों और मंदिर समिति जुुड़े सदस्यों के साथ बैठक की। निर्माण को लेकर सहमति बनने के आसार लग रहे हैं।
बागनाथ मंदिर परिसर में हुई बैठक में तहसीलदार पीएस रावत ने बताया मुख्यमंत्री ने बागनाथ मंदिर परिसर स्थित पुरातत्व विभाग के म्यूजियम को शिफ्ट करके बहुउद्देश्यीय धर्मशाला बनाने और बाणेश्वर मंदिर की चहारदीवारी निर्माण की घोषणा की है। इसके लिए दोनों मंदिरों के पुजारियों की आम सहमति जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिस स्थल पर पुरातत्व विभाग का म्यूजियम है। उसे प्रस्तावित धर्मशाला के दूसरी मंजिल में शिफ्ट करके प्रथम तल को खुला रखा जाएगा, जिससे सभी को सुविधा हो सकेगी। इसके लिए दोनों मंदिरों के पुजारियों की सहमति होनी जरूरी है। धर्मशाला और म्यूजियम बनने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा होगी।
सहमति पत्र मिलने पर ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। बागनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी और बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूरन रावल ने बताया कि वह घोषित कार्यों के निर्माण के लिए शीघ्र ही शपथ पत्र उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने कालभैरव मंदिर के पुजारियों से भी अपील की कि जनहित में वह भी जल्दी प्रशासन को सहमति पत्र उपलब्ध करा दें। वहां काल भैरवनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी शंकर गिरी, पूर्व प्रमुख इंद्र सिंह परिहार, नंदन सिंह रावल, राजस्व उप निरीक्षक जगदीश परिहार, बसंत चंदोला, बालादत्त तिवारी, दलीप सिंह खेतवाल आदि थे।