रोडवेज डिपो के लिए 22 साल का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। नए वित्तीय वर्ष में बागेश्वर का डिपो होगा। रोडवेज निर्माण के लिए शासन ने 1.27 करोड़ का बजट दिया है।
अविभाजित उप्र में 1997 में बागेश्वर जिले का गठन हुआ। जनपद बनने के बाद से ही बागेश्वर में रोडवेज डिपो बनाने की मांग की जाती रही है। शासन ने रोडवेज के लिए मंजूरी दे दी लेकिन निर्माण कछुवा गति से चल रहा था। एक साल पहले तक डिपो का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था।
बजट के अभाव में रोडवेज का निर्माण अधर में लटका हुआ था। इस बीच शासन ने रोडवेज निर्माण के लिए 1.27 करोड़ की राशि पेयजल निगम की निर्माण शाखा रानीखेत को आवंटित की है। इसके बाद रोडवेज के निर्माण में तेजी आई। कार्यदायी संस्था का दावा है कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
तेजी से हो रहा है ये निर्माण
भवन का रंग रोगन, खिड़की दरवाजा कार्य, कोटा स्टोन पत्थर, पेयजल व सीवर लाइन, बस स्टॉपेज के लिए इंटर लॉकिंग टाइल्स, स्टॉपर का काम तेजी से हो रहा है।
बागेश्वर डिपो की बसें दिखाई देंगी
रोडवेज बनने के बाद यहां डिपो भी बन जाएगा। फिर जिले में बागेश्वर डिपो की बसें दौड़ती दिखाई देंगी। परिवहन अधिकारियों की माने तो बागेश्वर डिपो से दिल्ली, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार, उप्र, हरियाणा की लिए बसें संचालित होंगी।
शासन ने डिपो निर्माण के लिए 1.27 करोड़ की राशि आवंटित की है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मार्च तक अवशेष कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। जल्द ही बागेश्वर को रोडवेज मिलेगा। - हरीश प्रकाश, ईई निर्माण इकाई पेयजल निगम