बड़ी पन्याली गांव के चंद्र सिंह धर्मशक्तू ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने अपनी बेटे विक्रम की हत्या के मामले की जांच सीबीआई से करवाकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री को दिए पत्र में चंद्र सिंह धर्मशक्तू ने कहा है कि उनका बेटा ग्राफिक ऐरा भीमताल में बी टेक सिविल इंजीनियर तृतीय वर्ष का छात्र था। 15 मई को वह नलदयमंती तालाब में अपने चार साथियों के साथ नहा रहा था। उसके साथियों ने बताया कि विक्रम की पानी में डूबकर मृत्यु हो गई है।
घटनास्थल पर जाकर देखने पर पता चला कि तालाब में डेढ़ फीट से अधिक पानी नहीं था। कम पानी में डूबकर मृत्यु होना पूरी तरह संदिग्ध है। इसमें ग्राफिक ऐरा कालेज की लापरवाही भी है। कालेज ने अभिभावक को बताए बगैर ही स्कूल हॉस्टल से पास दिया।
भीमताल पुलिस ने भी बगैर अभिभावकोें के पंचनामा भरकर उनके बेटे के शव का पोस्टमार्टम करा दिया जबकि मृतक के गर्दन के पास नीला और सिर पर चोट के निशान थे। इससे स्पष्ट होता है कि विक्रम की मौत पूरी तरह संदिग्ध है। पुलिस ने घटना के चार दिन बाद रिपोर्ट दर्ज की है जो शक को और भी गहरा करती है।
मामले की जांच भी ईमानदारी से नहीं हो पा रही है। उन्होंने सीएम से मामले की सीबीआई से जांच करवाकर न्याय दिलाने की मांग की। उनके साथ ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह कोरंगा, पूर्व बीडीसी सदस्य नरेंद्र कोरंगा, डा. रणजीत धर्मशक्तू, दुर्गा सिंह धर्मशक्तू थे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मामले की बारीकी से जांच कराकर न्याय दिलाया जाएगा।