बागेश्वर जिले में पारिवारिक कलह और पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले महिला हेल्पलाइन तक पहुंच रहे हैं। हेल्पलाइन में शिकायतों की काउंसलिंग के दौरान सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल और पुरुषों में शराब की लत पारिवारिक विवाद की प्रमुख वजहों के रूप में सामने आ रही हैं। मोबाइल पर अधिक समय बिताने, ऑनलाइन चैटिंग और रील्स बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ रहे हैं। वहीं, शराब के नशे में घर पहुंचने के बाद मारपीट और गाली-गलौज के मामले भी परिवारों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
महिला हेल्पलाइन में पहुंच रहे मामलों के अनुसार, सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से पारिवारिक जिम्मेदारियों की अनदेखी और पति-पत्नी के बीच संवाद की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई मामलों में शक और आपसी अविश्वास रिश्तों में दूरियां बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर, शराब की लत के कारण घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही विवाद मारपीट तक पहुंच रहे हैं। ऐसे मामलों में महिलाओं को अलग रहने या कानूनी कार्रवाई का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया का नशा और शक ने बढ़ाई दूरियां
महिला हेल्पलाइन में पहुंचे एक मामले में पति का आरोप था कि उसकी पत्नी दिन-रात मोबाइल में बिजी रहती है। रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर देर रात तक ऑनलाइन रहने के कारण घर के कामों और बच्चों की पूरी तरह अनदेखी हो रही है। इस बात को लेकर जब भी टोकने का प्रयास किया जाता है, तो विवाद बढ़ जाता है। दोनों के बीच बातचीत बंद होने से बात शक और तलाक के मोड़ तक पहुंच गई, जिसे हेल्पलाइन टीम काउंसलिंग के जरिए सुलझाने में जुटी है।
शराब की लत से हर रोज मारपीट और घर में क्लेश
एक अन्य मामले में पीड़िता ने महिला हेल्पलाइन की शरण ली। महिला का कहना था कि उसका पति दिनभर की कमाई शराब में उड़ा देता है और रात में नशे में धुत होकर घर पहुंचकर रोज मारपीट करता है। घर के राशन और बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे मांगने पर गाली-गलौज की जाती है। शराब के इस क्लेश से तंग आकर महिला अपने बच्चों के साथ अलग रहने को मजबूर हो गई है और अब मामला कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर उन्हें आपसी समझाइश देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मनोवैज्ञानिक और सामाजिक स्तर पर समझाइश देकर कई परिवारों को टूटने से बचाया भी गया है। परिवार में आपसी संवाद की कमी, मोबाइल का आवश्यकता से अधिक प्रयोग और नशे की प्रवृत्ति को नियंत्रित रखना जरूरी है। मंजू पंवार, प्रभारी महिला हेल्पलाइन