बागेश्वर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन में प्रदेश के कुल छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का चयन हुआ है। पूरे प्रदेश में बागेश्वर एकमात्र ऐसा जिला है जहां के दो केंद्रों पंद्रहपाली और कन्यालीकोट इस सूची में है।
जिले के दो केंद्रों के साथ टिहरी गढ़वाल का बादशाहीथौल, उत्तरकाशी का पोरा, चमोली का धारकोट और ऊधम सिंह नगर के एक केंद्र को प्रमाणन मिला है। जिले के पंद्रहपाली ने 83.76% और कन्यालीकोट ने 82.64% अंक अर्जित किए हैं।
चयनित केंद्रों के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि का रास्ता साफ हो गया है। कन्यालीकोट केंद्र को प्रति हेल्थ सर्विस पैकेज 18 हजार की दर से सालाना 2.16 लाख रुपये मिलेंगे जो तीन वर्षों में कुल 6.48 लाख रुपये की धनराशि होगी। पंद्रहपाली केंद्र को भी फिलहाल छह माह की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी जिसे पुनः प्रमाणन के बाद विस्तारित किया जाएगा।
क्या है एनक्वास
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से संचालित एक गुणवत्ता प्रमाणन प्रणाली है। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को सुरक्षित, प्रभावी एवं मानकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं देना है। इसमें संस्थानों का मूल्यांकन स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, दवाइयों की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ, सेवा गुणवत्ता तथा मरीजों की संतुष्टि जैसे मानकों से होता है।
इनके नेतृत्व में मिली सफलता
आयुष्मान मंदिर कन्यालीकोट की सफलता में सीएचओ प्रिया राणा की मेहनत रंग लाई है। उन्होंने एक मई 2021 को केंद्र का कार्यभार संभाला था। हल्द्वानी निवासी प्रिया ने अपनी स्कूली शिक्षा हरगोविंद सुयाल इंटर कॉलेज कुसुमखेड़ा से पूरी की और 2020 में नैनी कॉलेज ऑफ नर्सिंग ज्योलीकोट से बीएससी नर्सिंग उत्तीर्ण की। उनकी नौ सदस्यीय टीम में एएनएम शालिनी रावल, आशा फैसिलिटेटर चंपा गढि़या और छह आशा कार्यकर्ता हैं।
- आयुष्मान मंदिर पंद्रहपाली को राष्ट्रीय मानकों पर खड़ा करने में सीएचओ सोनी धामी ने मुख्य भूमिका निभाई है। सोनी धामी इस केंद्र पर एक मई 2021 से सेवाएं दे रही हैं। उनके साथ इस मिशन में एएनएम शालिनी रावल, एक आशा फैसिलिटेटर और छह आशा कार्यकर्ताओं की टीम ने मिलाकर कार्य किया।
जिले के दो केंद्रों को राष्ट्रीय एनक्वास प्रमाणन मिलना गौरवपूर्ण है। यह सफलता सुदूर क्षेत्रों में तैनात हमारी स्वास्थ्य टीमों और सीएचओ के समर्पण का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य हर ग्रामीण को सुरक्षित और बेहतर इलाज मुहैया कराना है। इस वर्ष की सफलता पर हमने 2026-27 में नौ और आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय मानक पर खड़ा करने का लक्ष्य रखा है।
-डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर।