कपकोट में लापता मां और बेटियों की तलाश करते लोग।
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कपकोट/बागेश्वर। रक्षाबंधन पर सूनी कलाई रहने से मायूस भाई ने जब बहन की ससुराल फोन किया तो पता चला कि वह अपनी तीन बेटियों के साथ 15 अगस्त को मायके के लिए निकली थी। बहनोई की ओर से चारों की गुमशुदगी दर्ज होने की जानकारी होने पर भाई ने बृहस्पतिवार को बहनोई पर चारों को गायब करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
इधर, झूला पुल के पास कपड़े मिलने पर एसडीएम ने मौका मुआयना किया और एसडीआरएफ और फायर पुलिस की टीम पिंडर नदी में मां, बेटियों की तलाश कर रही है।
ग्राम बाछम निवासी डिकर सिंह दानू की पत्नी हीरा देवी (38) तीन बेटियां चांदनी (9), नगीना (7) और सुनीता (3) के साथ 15 अगस्त से लापता है। उनके कपड़े पिंडर नदी पर बने झूला पुल के पास मिलने पर कपकोट के निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित किया। इस आधार पर कपकोट के एसडीएम प्रमोद कुमार बुधवार को दलबल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूछताछ की तो नदी में एक शव बहने की सूचना मिली लेकिन बरामद कुछ नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार को हीरा के भाई ग्राम बघरी निवासी धीरेंद्र सिंह ने कपकोट थाने में तहरीर दी। बताया कि उसकी बहन हीरा देवी की शादी पांच जुलाई 2009 को ग्राम बाछम खाती निवासी डिकर सिंह के साथ हुई थी। तीन बेटियां होने के बाद डिकर सिंह हीरा से मारपीट करने लगा। इस कारण वह पांच माह तक मायके में रही। हीरा की मां ने डिकर सिंह को कानूनी कार्रवाई का नोटिस भेजा तो डिकर सिंह माफी मांगकर 13 मई को हीरा को साथ ले गया। आरोप है कि जब 15 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने हीरा मायके आने लगी तो डिकर ने हीरा से मारपीट की। तब से हीरा देवी तीन बेटियों समेत लापता है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। उसने बहनोई पर ही चारों को गायब करने का आरोप लगाया है।
इधर महिला के पति डिकर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने बुधवार को उन चारों की गुमशुदगी दर्ज कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल भाई की तहरीर पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके पीछे पुलिस ने वजह बताई है कि एक मामले में दो रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकती हैं।