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कोरोना की मार से रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक हलकान

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बागेश्वर। कोरोना काल में रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की परेशानियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं। कोरोना की मार से रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक हलकान हैं। कोरोना की दूसरी लहर के कारण रेस्टोरेंट, ढाबे पूर्ण रूप से बंद हैं।
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सरकार ने होम डिलीवरी की छूट दी है लेकिन जिले में होम डिलीवरी का चयन नहीं है। इस वजह से रेस्टोरेंट संचालक खासे परेशान हैं।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने फिलहाल इनके लिए कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है। कोरोना के कम होते मामलों के बीच रेस्टोरेंट संचालक रेस्टोरेंट और ढाबे खोलने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।
कोरोना की सबसे अधिक मार रेस्टोरेंट संचालकों पर पड़ी है। कोरोना के कारण व्यवसाय चौपट हो गया है। किराया निकाल पाना और परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। अब रेस्टोरेंट संचालकों को भी ढील देनी चाहिए।
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- भरत टंगड़िया।
कोरोना के कम होते मामलों के बीच रेस्टोरेंट संचालकों को भी ढील देने की जरूरत है। कोरोना से व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोरोना की मार से रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
- देवेंद्र सिंह।
कोरोना के कारण रेस्टोरेंट संचालकों की दशा खराब है। पहली लहर के बाद दूसरी लहर भी भारी पड़ रही है। रेस्टोरेंट बंद होने से आर्थिक स्थिति दिन कमजोर हो रही है। सरकार रेस्टोरेंट खोलने की प्रक्रिया यथाशीघ्र शुरू करे।
- दीपक चौधरी।
लॉकडाउन की मार से नहीं उबरे थे कि कोविड कर्फ्यू लग गया। डेढ़ महीने से रेस्टोरेंट बंद है। किराया लगातार सिर पर चढ़ रहा है। जमा पूंजी समाप्त हो गई है। राज्य सरकार को रेस्टोरेंट संचालकों को जल्द राहत देनी चाहिए।
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- संजय जोशी।
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