बागेश्वर। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। लंबे समय से अस्पताल में ईएनटी सर्जन का पद रिक्त होने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं हैं। विशेषज्ञ के अभाव में मरीजों को मामूली उपचार के लिए भी पड़ोसी जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सरकार एक ओर पहाड़ों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय के मुख्य अस्पताल में ही महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन न होने से सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को हो रही है। नाक, कान या गले की गंभीर बीमारी तो दूर, सामान्य संक्रमण की जांच के लिए भी मरीजों को अल्मोड़ा और हल्द्वानी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ समय की भी बर्बादी हो रही है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीज बिना इलाज के ही वापस लौटने को मजबूर हैं। अस्पताल में जरूरी उपकरणों की उपलब्धता के बावजूद विशेषज्ञ न होने से मशीनें धूल फांक रही हैं।