कपकोट (बागेश्वर)। उपजिला चिकित्सालय बनने से क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। अस्पताल के उच्चीकरण के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों के सात पदों समेत 31 नये पद सृजित किए जाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
उपजिला चिकित्सालय बनने के बाद कपकोट में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ का भी स्थानांतरण हो गया है। इससे बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी मेडिकल ऑफिसर के भरोसे रह गई है। वहीं दंत रोग विशेषज्ञ के स्थानांतरण के बाद दंत चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं में खास अंतर नहीं रह गया है। सीएचसी कपकोट में फिजिशियन, आर्थोपेडिक सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन और निश्चेतक के पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से किसी पद पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। निश्चेतक की कमी के कारण अस्पताल में कई वर्षों से ऑपरेशन की सुविधा भी प्रभावित है। अब बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय या अन्य शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। फिजिशियन के अभाव में सामान्य रोगों के मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। समस्याओं के निदान के लिए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष कमलेश गड़िया, युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष उम्मेद गड़िया, विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश जोशी, दर्शन ऐठानी, पवन बिष्ट और कमल कपकोटी ने सरकार पर स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।