पालड़ीछीना-जैनकरास-कनगाड़छीना मोटर मार्ग का कटान वर्ष 2011 में हुआ लेकिन अब तक सात किमी तक ही सड़क कटान हुआ है। पांच किमी मोटर मार्ग का कटान होना बाकी है। सड़क निर्माण न होने के कारण एक दर्जन से अधिक गांवों यातायात सुविधा के लाभ से वंचित हैं।
12 किमी लंबी पालड़ीछीना-जैनकरास-कनगाड़छीना मोटर मार्ग का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2011 में कटान शुरू हुआ और नौ वर्ष में सात किमी ही मोटर मार्ग बन सका है। सड़क के अभाव में जहां कई परिवार गांव से पलायन कर गए हैं वही काश्तकार गांव में उत्पादित सब्जी, फल को बाजार अथवा मंडी तक नहीं पहुंचा पाते हैं।
ग्रामीणों का शिष्टमंडल इस मामले में विधायक से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में पालड़ीछीना-जैनकरास-कनगाड़छीना मोटर मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक लछम सिंह बिष्ट, करासमाफी की प्रधान गीता देवी, थापला की क्षेत्र पंचायत सदस्य लीला बिष्ट, करासीबूंगा की प्रधान सुंदर लाल, जनौटीपालड़ी की क्षेत्र पंचायत सदस्य गीता देवी आदि शामिल हैं।
ये गांव हो रहे प्रभावित
सड़क नहीं बनने के कारण जैन, करास, डालखोलिया, लूरी, चनौली, जडियाखाली, बगनीगाड़, छौना, गणनाथ, दुगालखोला, पनेरगांव, थापला आदि गांवों के लोग यातायात सुविधा के लाभ से वंचित हैं।
पर्यटन पर भी पड़ रहा असर
सड़क के अभाव में मैचुलामाई, मल्लिकामाई, डानागोलू, छाना गोलू, करास महादेव, गणनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन पर व्यापक असर पड़ रहा है।
पालड़ीछीना-जैनकरास-कनगाड़छीना मोटर मार्ग को ठीक करने के लिए टेंडर कराए जा रहे हैं। टेंडर होने के बाद काम शुरू होगा। पांच किमी अधूरी सड़क का कटान करने के लिए इस्टीमेट शासन को भेजा जा रहा है। - यूसी पंत, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड।