कपकोट (बागेश्वर)। कोरोना संक्रमण ने लोगों को रिवर्स पलायन की राह भी दिखाई है। लॉकडाउन के पहले घर लौटे कपकोट के दूरस्थ क्षेत्र कर्मी गांव के दो भाईयों ने रुद्रपुर की सिडकुल की नौकरी छोड़कर घर पर ही हवाई चप्पल बनाने की फैक्ट्री लगा ली है। हर महीने छह हजार जोड़े चप्पल फैक्ट्री में बनाए जा रहे हैं। लोग भी सस्ते दामों पर हाथोंहाथ चप्पल खरीद रहे हैं।
ग्राम कर्मी निवासी संदीप सिंह कर्म्याल और कवींद्र सिंह कर्म्याल सिडकुल की निजी कंपनी में काम करते थे। इन लोगों का निजी कंपनी की नौकरी में मन नहीं लगा तो यह दोनों जनवरी में घर लौट आए। 22 मार्च से लॉकडाउन हो गया। इन लोगों ने घर में ही स्वरोजगार का मन बना लिया। संदीप और कवींद्र बताते हैं कि कंपनी से मिले पीएफ की रकम से उन्होंने मशीनें खरीदीं और मई में रुद्रपुर से ट्रेनर बुलाया। हवाई चप्पल बनाने का प्रशिक्षण लेकर कर्मी में ही दानपुरी चप्पल नाम से दुकान खोल ली। संदीप और कवींद्र की चप्पल फैक्ट्री में बच्चों से लेकर बड़ों और लेडीज चप्पलें भी बनाई जा रही हैं। दुकान पर इनकी कीमत 80 से 110 रुपये रखी गई है। व्यवसाय बढ़ाने के लिए उन्होंने दुकान में जूते, मोजे आदि भी रख लिए हैं।
चप्पल व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं कर्म्याल
कपकोट। संदीप और कवींद्र का कहना है कि वह लोग चप्पल व्यवसाय को और बढ़ाना चाहते हैं, ताकि जिले के साथ ही बाहरी क्षेत्रों में थोक व्यवसाय किया जा सके। कवींद्र ने बताया कि व्यवसाय खोलने के लिए पूर्व में कर्ज लेने का प्रयास किया था लेकिन नियमों की जटिलता के कारण अपनी ही जमा पूंजी से व्यवसाय खोलने का निर्णय ले लिया। प्रशासन और संबंधित विभागों का सहयोग मिला तो व्यवसाय के विस्तार के लिए कर्ज लेंगे, ताकि क्षेत्र के कुछ और लोगों को भी रोजगार मिल सके।
कवींद्र सिंह कर्म्याल।- फोटो : BAGESHWAR
कपकोट के कर्मी में स्थित संदीप और कवींद्र की दुकान। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR