बागेश्वर। एक निजी कंपनी की नौकरी छोड़कर दिल्ली जिला मुख्यालय के कठायतबाड़ा निवासी प्रताप सिंह गढ़िया मशरूम की खेती से कमाई कर रहे हैं। वह दो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उनके घर पर ही रहकर स्वरोजगार करने से परिवार भी खुश है।
40 वर्षीय प्रताप सिंह गढ़िया ने 15 वर्षों तक 15 हजार रुपये की तनख्वाह में दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी की। परिवार का खर्च सही से नहीं चल पाने पर उन्होंने घर में ही स्वरोजगार करने की ठानी। इंटरनेट के माध्यम से मशरूम की खेती की जानकारी मिली और दो वर्ष पहले कंपनी की नौकरी छोड़कर घर आ गए।
कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर से मशरूम की खेती का प्रशिक्षण लिया। घर पर ही मशरूम उत्पादन करने लगे। बताते हैं कि वह बटन मशरूम और ढिंगरी प्रजाति के मशरूम का उत्पादन करते हैं। एक वर्ष में करीब सात क्विंटल मशरूम का उत्पादन कर लेते हैं। बताते हैं कि बागेश्वर बाजार में ही उनका मशरूम बिक जाता है। इस समय डेढ़ सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से मशरूम बिक रहा है। बताते हैं कि मशरूम उगाने के लिए उन्हें इंडस प्रोजेक्ट ज्योलीकोट से 50 प्रतिशत अनुदान पर कंपोस्ट उपलब्ध कराई जाती है। 10 क्विंटल कंपोस्ट पर छह किलो बीज दिया जाता है। कहते हैं कि वह और लोगों भी मशरूम की खेती के लिए प्रेरित करते हैं।
फूलों की खेती से पहली ही बार में कमाए 40 हजार
बागेश्वर। प्रताप सिंह ने फूलों की खेती में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया है। बताया कि जुलाई 2019 से उन्होंने गेंदा के फूलों की खेती शुरू की है। पहली ही बार में दो क्विंटल गेंदा के फूल पैदा हुए। गेंदा के फूल 200 रुपया किलो बिके, इससे पहली बार में ही उन्हें 40 हजार रुपये की कमाई की।