बागेश्वर के पौंसारी गांव से बहने वालेपांडुस्थल गधेरे में लापता लोगों की तलाश करती टीम। स्रोत- ए
बागेश्वर। पौंसारी गांव की आपदा को 110 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन दो लापता लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। सर्च अभियान में अत्याधुनिक उपकरण ड्रोन कैमरे, विक्टम लोकेटर की मदद ली जा रही है। लगातार बारिश के कारण खोजबीन में खलल पड़ रहा है। लापता लोगों के गधेरे में बहने की आशंका को देखते हुए गधेरे में भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
मंगलवार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और पुलिस के जवानों ने पांडुस्थल गधेरे में बैसानी के आसपास अभियान चलाया। बारिश के बीच जवानों ने गधेरे की खाक छानी, लेकिन शाम तक उनके हाथ खाली रहे। पूरे दिन बारिश होने के कारण जवानों को काफी परेशानी भी उठानी पड़ी।
घटना में जान गंवाने वाली बचुली देवी का शव घटनास्थल से दो किमी दूर पांडुस्थल गधेरे में मिला था जिसे देखते हुए अन्य दो लोगों के बहने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
एसपी चंद्रशेखर आर घोड़के ने बताया कि पुलिस, फायर, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के 100 जवान सर्च कर रहे हैं। खोजबीन में मैन्युअल उपकरण, डॉग स्क्वॉड के अलावा अत्याधुनिक उपकरण का भी सहारा लिया जा रहा है। लापता पूरन और गिरीश के गधेरे में बहने का अंदेशा है। आगामी दिनों में खोजबीन का दायरा पांडुस्थल गधेरे के बाद कनलगढ़ नदी तक बढ़ाया जाएगा।