बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर ट्रेकिंग रूट पर लापता उत्तर प्रदेश के पर्यटक अभिषेक चौहान की खोजबीन के लिए पुलिस और रेस्क्यू टीमों का सघन सर्च अभियान लगातार जारी है। मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाने और वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सीओ के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना का री-क्रिएशन किया।
अभिषेक गत 28 मई को ट्रेकिंग पर निकले थे और 29 मई को लौटते समय खाती से पहले छिल्याणी गधेरे के पास लापता हो गए, जिसकी सूचना गाइड आनंद राम ने दी। सर्च ऑपरेशन के पहले दिन एसडीआरएफ को मिसिंग प्वाइंट से 50 मीटर नीचे पिंडर नदी के पास से अभिषेक का कैमरा मिला था, जिसके बाद एक जून को कपकोट थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई।
अब तक नदी के पास से लापता पर्यटक का रैनकोट और कैप भी बरामद हुई है। लापता की तलाश के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग, फायर सर्विस, ड्रोन और राजस्व विभाग सहित स्थानीय ग्रामीणों की 50 सदस्यीय संयुक्त टीम गठित की गई है। टीमों ने पिंडर नदी के किनारों, सोराग पुल से बदियाकोट पुल तक व्यापक खोजबीन की। संवाद
टूट रहा सब्र का बांध, सुरक्षित वापसी के लिए टकटकी लगाए बैठा है परिवार
पिंडारी ग्लेशियर ट्रेकिंग रूट पर लापता हुए पर्यटक अभिषेक चौहान का 11वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, खोजबीन में जुटे उनके परिजनों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट रहा है। घटना के इतने दिन बाद भी कोई ठोस जानकारी न मिलने से परिवार के लोग बेहद चिंतित और गहरे सदमे में हैं। नदी किनारे से केवल कैमरा, रैनकोट और कैप बरामद होने से अनहोनी की आशंका के बीच परिजनों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। थके-हारे परिजन अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठे हैं और प्रशासन से सर्च अभियान को और तेज करने की गुहार लगा रहे हैं। संवाद
....कोट
पिंडारी ट्रैकिंग रूट पर लापता पर्यटक की तलाश हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ सहित सात अलग-अलग टीमों के 50 जवानों का संयुक्त दस्ता पिंडर नदी और गधेरे के आस-पास दिन-रात सघन खोजबीन में जुटा हुआ है। संभावित घटनास्थल पर घटना का री-क्रिएशन कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए हैं, ताकि गुमशुदगी के सटीक कारणों को समझा जा सके। - जितेंद्र मेहरा, एसपी, बागेश्वर