बागेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील, नगर को जाम मुक्त करने और लोगों को सेहतमंद बनाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय में नो व्हीकल डे मनाया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नगर की सभी सीमाओं पर बैरिकेडिंग लगाकर टैक्सी और भारी वाहनों को बाईपास से भेजने के इंतजाम किए गए। प्रशासन की अपील को अमलीजामा पहनाने के लिए कई संगठनों ने सहयोग किया।
जिला प्रशासन की अपील पर व्यापार मंडल, बार एसोसिएशन, वरिष्ठ नागरिक वेलफेयर एसोसिएशन, रेडक्रॉस समिति, केमिस्ट एसोसिएशन, संवाद वेलफेयर सोसायटी आदि ने मुहिम का साथ दिया। एसडीएम प्रियंका रानी ने पहल को सार्थक करने के उद्देश्य से पूरे नगर का पैदल भ्रमण किया। कुछ अधिकारी-कर्मचारी भी पैदल कार्यालय जाते दिखे। नगर के विद्यालयाें के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी मुहिम में साथ देने का प्रयास किया। बावजूद इसके नगर की सड़कों पर दोपहर तक वाहनों की आवाजाही पर मामूली कमी दिखी। हालांकि दोपहर के समय तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
चारों सीमाओं पर बैरिकेड्स और पुलिस का पहरा
नगर में वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह थामने के लिए प्रशासन ने चार प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैरिकेड्स लगाए थे। कांडा रोड में भगीरथी बाईपास, पिंडारी रोड में कॉलेज गेट, ताकुला रोड में विकास भवन तिराहे और गरुड़ रोड में द्यांगण के समीप पुलिस ने मोर्चा संभाला था। यहां से जरूरी सेवाओं के अतिरिक्त अन्य वाहनों को बाईपास मार्गों का प्रयोग करने की सलाह दी गई। हालांकि कई लोग फिर भी बाजार में प्रवेश करते रहे।
जब सलाह देने पर बैरिकेड्स पर उलझ पड़े सरकारी बाबू
मुहिम के दौरान कुछ तस्वीरें तल्खी भरी भी रहीं। बैरिकेड्स पर तैनात स्वयंसेवक जब लोगों को बाईपास मार्गों का प्रयोग करने की सलाह दे रहे थे, तो कई स्थानों पर सरकारी कर्मचारी ही उनसे उलझते हुए नजर आए। दफ्तर पहुंचने की जल्दी में कई बाबुओं ने पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों से तीखी बहस भी की।
कोट
नो व्हीकल डे अभियान को लोगों का अच्छा समर्थन मिला। उम्मीद के अनुरूप बाजार में अन्य दिनों की अपेक्षा कम वाहन दिखे। लोगों तक प्रशासन जो संदेश पहुंचाना चाहता था, उसमें सफलता मिली है। - प्रियंका रानी, एसडीएम, बागेश्वर
इन संगठनों ने बढ़-चढ़कर थामा हाथ
रेडक्रॉस सोसाइटी, वरिष्ठ नागरिक न्यास, पतंजलि योगपीठ और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने खुद वाहनों का त्याग किया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बार भवन से न्यायालय तक सफर पैदल तय किया।
वीडियो में अपील मगर पैदल चलते नहीं दिखे विधायक और कई अफसर
बागेश्वर। नो व्हीकल डे पर शनिवार को डीएम, एसपी जिले में मौजूद नहीं होने से मुहिम का हिस्सा नहीं बन सके। सीडीओ तिवारी की भी पैदल चलने की तस्वीर भी सामने नहीं आई। हालांकि उन्होंने बताया कि वह पैदल चले, लेकिन फोटो नहीं खिंचवाई। अलबत्ता एडीएम नबियाल के पैदल चलने का वीडियो जरूर सामने आया। विधायक पार्वती दास की अपील की वीडियो भी खूब वायरल रही लेकिन पैदल चलने का वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर नहीं दिखा।