कपकोट (बागेश्वर)। एसडीएम केएस टोलिया ने शामा-लीती सड़क में हो रहे घटिया स्तर के डामरीकरण को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। उनके इस कदम से कार्यदायी संस्था में हड़कंप मच गया है। एसडीएम ने एडीबी के ईई को गुणवत्ता की भलीभांति जांच करने और जांच के बाद ही डामरीकरण का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम टोलिया शुक्रवार की सुबह परिषदीय परीक्षा केंद्र शामा के निरीक्षण पर गए थे। वहां पूर्व बीडीसी सदस्य नरेंद्र कोरंगा के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने उनसे भेंट की। शिष्टमंडल ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में शामा, लीती सड़क में घटिया स्तर के डामरीकरण की शिकायत की। घटिया स्तर का डामर कई जगह उखड़ रहा है। उन्होंने इस तरह के काम को सरकारी धन का दुरुपयोग बताया।
संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता में सुधार के लिए कई बार कह दिया है, लेकिन इसका उस पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्होंने एसडीएम से मामले में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। एसडीएम ने सड़क में किए गए डामरीकरण का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने बताया कि डामरीकरण की कुछ जगह खुदाई की तो डामरीकरण की मोटाई कम दिखी जबकि सड़क में किया गया डामरीकरण कुछ स्थानों पर उखड़ने लगा है। डामरीकरण के काम को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। एडीबी के ईई को मामले की तुरंत तकनीकी जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं। ईई को जांच के बाद ही काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने कहा कि विकास कार्यों में घटियास्तर की गुणवत्ता किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी।