बागेश्वर। सरकारी स्कूलों में लावारिस पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए चहारदीवारी या घेरबाड़ करनी होगी। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में गेट युक्त प्रवेश द्वार का निर्माण करना भी जरूरी होगा। लावारिस पशुओं के प्रवेश निवारण और विद्यालय में सुरक्षा के इंतजाम के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एसएस चौहान की ओर से जिला शिक्षाधिकारी बेसिक के नाम पत्र जारी किया है।
पत्र में सभी विद्यालयों में लावारिस गाय, भैंस, कुत्ते आदि के प्रवेश को रोकने के लिए घेरबाड़/ चहारदीवारी और गेट युक्त प्रवेश द्वार निर्माण कराने को निर्देशित किया गया है। विकासखंड से लेकर राज्य स्तर तक इसकी समीक्षा की जाएगी। विद्यालय में पशुओं के प्रवेश निवारण और सुरक्षा के लिए प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अपरिहार्य कारणों से किसी अन्य को भी जिम्मेदारी दी जा सकेगी। राज्य स्तरीय संस्थानों में किसी अन्य को भी नोडल की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रत्येक विद्यालयों में लावारिस पशुओं से बचाव के लिए जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पशुओं के व्यवहार और बचाव के तौर तरीके बताए जाएंगे।
सूचना पट, फ्लैक्स और पर्चे के माध्यम से भी जागरूकता की जा सकती है। डीईओ बेसिक विनय कुमार ने बताया कि शासन से मिले निर्देशों के अनुसार सभी उप शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।