नोटबंदी के बाद पैदा हुआ करेंसी संकट जारी है। जिले के 10 से अधिक एटीएम के शटर अभी डाउन ही हैं। सबसे अधिक लेनदेन करने वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास भी अब केवल अगले दो दिनों के लिए कैश बचा है। यदि दो दिन के भीतर बैंक को कैश नहीं मिला तो लोगों को और अधिक गंभीर करेंसी संकट से जूझना पड़ सकता है। एसबीआई अभी ग्राहकों को पांच हजार तो बैंक ऑफ बड़ौदा व पीएनबी सहित अन्य बैंक दो हजार रुपए दे रहे हैं।
पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट को प्रचलन से बाहर हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जनपद में अभी तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं। नोटबंदी के बाद बागेश्वर में एसबीआई को दो अलग-अलग खेपों में 80 करोड़ रुपए की नई करेंसी मिली। इसमें ज्यादातर नोट केवल दो हजार रुपए के थे। इस रकम से एसबीआई ने अपनी अन्य ब्रांचों और एटीएम के अलावा जिले के अन्य बैंकों को भी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों के निर्देश मिलने पर इसमें से भी चार करोड़ रुपए पिथौरागढ़ और दो करोड़ रुपए हल्द्वानी एसबीआई को भेजे गए।
इसके बाद पिछले 20 दिन से एसबीआई को रिजर्व बैंक से कैश नहीं मिला है। ऐसे में बैंक के पास अब केवल दो दिन के लिए ही कैश बचा है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक रमेश पतियाल ने बताया कि ग्राहकों को इस समय पांच हजार रुपए दिए जा रहे हैं। एटीएम से दो हजार रुपए निकाले जा सकते हैं। करेंसी संकट की मौजूदा स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों के अनुसार नोटबंदी के बाद उन्हें बैंक की हेड ब्रांच से अभी तक लगभग दो करोड़ रुपए मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार एसबीआई से बहुत कम मात्रा में करेंसी मिली है। सप्ताह में मिलने वाली करेंसी से बैंक में आने वाले ग्राहकों के साथ ही एटीएम में भी डाला जा रहा है। ग्राहकों को एक सप्ताह में 24 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।