बागेश्वर। शिक्षक भविष्य के होनहारों का जीवन संवार सकते हैं। समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं। ऐसा ही कुछ कर रहे हैं इंटर कॉलेज विजयपुर (कांडा) में कार्यरत सहायक अध्यापक संतोष जोशी। वह इंटरवेल में वर्कशॉप पाठशाला चलाते हैं, जिसमें बच्चों में रचनात्मकता बढ़ती है। नवाचार के नए प्रयोगों के लिए शिक्षक जोशी राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हो चुके हैं।
इंटर कॉलेज विजयपुर में मात्र डेढ़ साल पहले एलटी में सहायक अध्यापक का पद संभालने वाले जोशी ने अपनी मेहनत के बूते जिले में एक अलग छाप छोड़ी है। वह रोजाना इंटरवेल के दौरान 20 बच्चों की एक टीम के साथ वर्कशॉप पाठशाला चलाते हैं। पाठशाला में बच्चों के विभिन्न रचनात्मक पहलुओं का विकास किया जाता है। वर्कशॉप में बच्चे नुक्कड़ नाटक, साहित्य पर चर्चा के साथ ही संगीत और अंग्रेजी बोलने के गुर सीखते हैं। इससे न केवल स्कूल के बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि उनमें छुपी प्रतिभा भी सामने आ रही है।
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राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
शिक्षक संतोष के प्रयासों को स्थानीय ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। बीती एक मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने संतोष जोशी को इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया। उन्हें यह पुरस्कार शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार के लिए श्री अरबिंदो सोसाइटी ने दिया। ऑनलाइन नवाचार आइडिया श्रेणी में उत्तराखंड से यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले वह एकमात्र शिक्षक हैं। शिक्षक संतोष जोशी मूल रूप से गंगोलीहाट के पोखरी के निवासी हैं।
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कुमाऊंनी, हिंदी और अंग्रेजी में होती है प्रार्थना
बागेश्वर। शिक्षक संतोष जोशी के प्रयासों से विजयपुर इंटर कॉलेज में कुमाऊंनी, हिंदी और अंग्रेजी में प्रार्थना की जाती है। स्कूल में दैणी है जाए मां सरस्वती, हिंदी में हमारी सुनो वंदना शारदे मां और अंग्रेजी में गॉड्स लव इज सो वंडरफुल प्रार्थना गाई जाती है। प्रख्यात लोक कवि स्व. गिरीश तिवारी गिरदा की रचना जैंता एक दिन तो आलो ऊ दिन यो दुनि में समेत तमाम गीतों का गायन किया जाता है। शिक्षक जोशी बताते हैं कि उन्हें प्रधानाचार्य मोहन चंद्र बढ़सिलिया का विशेष सहयोग मिलता है।
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स्कूल के विकास के लिए करते हैं सतत प्रयास
बागेश्वर। शिक्षक संतोष जोशी स्कूल के विकास के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं। उनके प्रयास से साई संस्कार फाउंडेशन ने स्कूल को क्रिकेट किट, एक कंप्यूटर और एक प्रोजेक्टर प्रदान किया। स्कूल में लाइब्रेरी की शुरुआत हुई है। बैंक ऑफ बड़ौदा विजयपुर के माध्यम से एक साउंड सिस्टम मिला है। स्कूल में बालिकाओं के लिए दो शौचालयों के निर्माण के लिए प्रयास कर रहे हैं।