बागेश्वर में ऑनलाइन संस्कृत संगोष्ठि में मौजूद लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से हुई ऑनलाइन संस्कृत संगोष्ठी में नई शिक्षा नीति में संस्कृत को सम्मानित स्थान दिलाए जाने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में बागेश्वर समेत देश के विभिन्न राज्यों के संस्कृत प्रेमियों ने प्रतिभाग किया।
बागेश्वर से डॉ. केएस रावत ने ऑनलाइन संगोष्ठी को कुमाऊंनी में संबोधित करते हुए संस्कृत को भाषाओं का मूल बताया। डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी ने कहा कि सरलीकरण और व्यवहार में प्रयोग से ही संस्कृत को जनभाषा बनाया जा सकता है। इसके लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत से ही संस्कारों को निरूपित किया जा सकता है। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार तिवारी, डॉ. शैलेंद्र धपोला, अधिवक्ता डीके जोशी, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. पूरन पांडे, डॉ. हेमंत जोशी, चरण सिंह बघरी, मोहन चंद्र जोशी, बसंत तिवारी, कौस्तुभ उपाध्याय, डॉ. दयासागर, मदन मोहन गुरूरानी, भाष्कर जोशी, केपी चंदोला, रवि जोशी आदि थे। संवाद