गरुड़ के मिनी औद्योगिक आस्थान के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते डीएम अनुराधा पाल।
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बागेश्वर। डीएम अनुुराधा पाल ने लंबे समय से खाली पड़े मिनी औद्योगिक आस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण निर्माण विभाग के सहायक अभियंता (एई) के गैरहाजिर रहने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने आस्थान के चार जीर्णशीर्ण शेडों की मरम्मत के लिए अनटाइड फंड से 7.40 लाख की राशि दी। ग्रामीण निर्माण विभाग से शेडों की मरम्मत कराने के बाद इन्हें चार फर्मों को आवंटित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिला उद्योग के महाप्रबंधक जीपी दुर्गापाल ने बताया कि मिनी औद्योगिक आस्थान में छह शेड बनाए गए थे। दो शेड मोनिका टेक्सटाइल और मेसर्स मां भ्रामरी लघु उद्योग को आवंटित है। आवंटित फर्मों का सब्सिडी योजना के तहत बैंक न्यायालय में वाद चल रहा है, जिसके चलते दो साल से काम बंद है। डीएम पाल ने दोनों फर्म प्रबंधकों को 15 दिन में कार्य शुरू करने का चेतावनी नोटिस जारी करने और तय समय पर काम शुरु नहीं होने पर शेड खाली कराने के निर्देश दिए।
महाप्रबंधक दुर्गापाल ने बताया कि जिन चार शेडों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। उनके आवंटन के लिए कौसानी शॉल, कुमाऊं वुड इंडस्ट्रीज, पर्वतीय फ्लोर मिल और न्यूट्रासिटीकल्स के प्रार्थना पत्र आए हैं। डीएम ने मौके पर ही आवेदक उद्यमियों से वार्ता की और जल्द वर्क प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यमियों को उद्योग के संचालन में हरसंभव सुविधा देने का भी भरोसा दिलाया।