चार दिन पूर्व चौरा गांव में पेड़ को छू रहे हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलसे किशोर के परिजनों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। पेड़ों की लॉपिंग के लिए भी अभी तक विभाग की ओर से कोई कर्मचारी नहीं पहुंचे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने निगम की ओर से प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा न देने और पेड़ों की लॉपिंग नहीं करने पर आंदोलन की चेेतावनी दी है।
मालूम हो कि हाइटेंशन लाइन चौरा गांव में तिमूल के पेड़ को छू रही थी। 13 मार्च को चारा पत्ती काटने के दौरान दिगेश चंद्र करंट लगने से झुलस गया था। सूचना देने के बाद भी ऊर्जा विभाग की ओर से कोई सुध नहीं ली गई है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। चौरा की ग्राम प्रधान भावना उपाध्याय ने कहा है कि विभाग की लापरवाही के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार झूल रहे हैं। कुछ जगहों पर खेतों के आसपास पेड़ों से होकर बिजली की हाइटेंशन लाइन गुजर रही है।
उनका कहना है कि एक किशोर को करंट लगने की घटना के बाद भी विभाग का कोई जिम्मेदारी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं आया। गरीब परिवार के झुलसे बालक को मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने करंट लगने से झुलसे किशोर के परिजनों को मुआवजा देने के साथ ही खतरा बने पेड़ों की लापिंग करने की मांग की है। ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीणों ने शीघ्र इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चौरा की ग्राम प्रधान ने विद्युत विभाग पर बिना रीडिंग के ही बिल भेजने का आरोप लगाया है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता को सौंपे ज्ञापन में ग्राम प्रधान भावना उपाध्याय ने कहा है कि विभाग द्वारा बिजली के मीटरों की रीडिंग नहीं ली जाती है। मनमाने तरीके से बिल भेज देने से उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।