उत्तराखंड जल निगम और जल संस्थान में पिछले 20 वर्षों से अंशकालिक मजदूर के तौर पर काम कर रहे कर्मियों को महज 1600 रुपये पगार मिल रही है। इतना कम मानदेय मिलने से यह कर्मी घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इससे खिन्न कर्मियों ने अब आर-पार की लड़ाई का एलान किया है।
उत्तराखंड जल निगम, जल संस्थान अंशकालिक मजदूर यूनियन के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि खरेही पट्टी पेयजल योजना में 35 कर्मी पिछले 20 वर्षों से अंशकालिक रूप से काम कर रहे हैं, परंतु इतने साल बाद भी उन्हें 1600 से 1800 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। आज के महंगाई के दौर में यह धनराशि बेहद कम है। मानदेय बढ़ाने की मांग कई सालों से की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि श्रम विभाग की ओर से श्रमिकों का मानदेय 175 रुपये प्रतिदिन तय किया गया है।
इसके बावजूद उन्हें प्रतिदिन मात्र 60 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। कर्मियों का कहना है कि यदि एक माह के भीतर मानदेय नहीं बढ़ाया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। यूनियन ने इस संबंध का एक ज्ञापन जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भी सौंपा है। ज्ञापन सौंपने वालों में धरम सिंह, बासु सिंह, कैलाश चंद्र, भुवन चंद्र, प्रकाश चंद्र, पनीराम, खीम सिंह, चंद्रप्रकाश, धरम सिंह, अनिल कुमार, कुंदन सिंह, जीवन चंद्र, सुरेश चंद्र, भूपाल राम, राजेंद्र सिंह, खीम सिंह आदि शामिल थे।