राजकीय महाविद्यालय गरुड़ का रोवर रेंजर्स की तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार मोहन जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सच्ची सेवा रोवर रेंजर्स ही कर सकते हैं।
रोवर रेंजर्स कुमाऊं स्काउट के संदर्भ दाता आनंद दुबे ने डॉक्टरी गांठ, रीफ नाट, मीनार निर्माण, हस्त गांठ, प्राथमिक उपचार, आकस्मिक चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, सेवा कार्य आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चंद्रशेखर बड़सीला ने रोवर रेंजर्स के इतिहास आदि विषयों पर प्रकाश डाला। रोवर रेंजर्स प्रभारी डॉ.शिव प्रकाश राय ने कहा कि वर्तमान में हो रहे प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का एकमात्र माध्यम है। रोवर रेंजर्स जैसे कार्यक्रमों द्वारा जनता को जागरूक किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों और छात्र छात्राओं ने रोवर रेंजर्स प्रार्थना गीत, लोक संस्कृति विषयक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। डा.प्रेम प्रकाश ने छात्रों को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. हेमचंद्र दुबे, डॉ.अवधेश तिवारी, डॉ.महेश कुमार, डॉ.अब्दुल वहाव, मनोज कुमार, गणेश नाथ, दीपदर्शन, गणेश गिरी, संतोष कंसेरी ने विचार रखे। संचालन डॉ. शिवप्रकाश राय ने किया।