बागेश्वर। जिले के रोडवेज डिपो में लंबे समय से चल रही चालक और परिचालकों की भारी कमी का खामियाजा अब सीधे तौर पर आम मुसाफिरों को भुगतना पड़ रहा है। बीते शनिवार को दिल्ली-मुनस्यारी बस में हुई मारपीट की घटना के बाद डिपो में कर्मचारियों की कमी से उपजी बदहाली की पोल पूरी तरह खुल गई है। स्टेशन पर अतिरिक्त चालक-परिचालक की व्यवस्था न होने के कारण दिल्ली जाने वाले यात्रियों को चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
दिल्ली-मुनस्यारी रूट की बस के परिचालक के साथ बीच रास्ते में मारपीट हुई और चालक-परिचालक कार्रवाई के लिए कोतवाली चले गए, तो डिपो प्रबंधन के पास बैकअप के तौर पर कोई अतिरिक्त स्टाफ मौजूद नहीं था। इस वजह से पूरी समय सारणी बिगड़ गई और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यदि डिपो में पर्याप्त स्टाफ होता, तो ड्यूटी बदलकर बस को समय पर रवाना किया जा सकता था। जिले में चालक-परिचालकों की यह लगातार बनी कमी भविष्य में भी यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।
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डिपो में चालक और परिचालकों की कमी बनी हुई है। शनिवार को हुई घटना के दौरान अतिरिक्त स्टाफ न होने से यात्रियों को जो असुविधा हुई, उसकी रिपोर्ट तैयार की गई है। जिले में स्टाफ की कमी और नए चालकों-परिचालकों की तैनाती की आवश्यकता के संबंध में मुख्यालय को पहले ही विस्तार से अवगत कराया जा चुका है। - धर्मांनंद जोशी, प्रभारी एआरएम रोडवेज डिपो