बागेश्वर। जिले के रोडवेज डिपो में बसों की मरम्मत के लिए स्थापित कार्यशाला को डिपो बनने के चार साल बाद भी अपना भवन नहीं मिल सका है। कार्यशाला को अस्थायी रूप से डिपो परिसर में संचालित किया जा रहा है। कार्यशाला में प्रभारी का पद रिक्त होने से फोरमैन जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। तकनीशियनों की कमी से बसों की नियमित जांच का कार्य प्रभावित होता है।
डिपो कार्यशाला में फोरमैन और स्टोर कीपर की तैनाती है। एकमात्र पद होने से उनके अवकाश पर रहने से कार्यशाला में कार्य प्रभावित होते हैं। एकमात्र इलेक्ट्रीशियन, बॉडी सेक्शन तकनीशियन, टायर सेक्शन तकनीशियन होने से भी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। तकनीशियनों के अवकाश पर जाने से बसों की नियमित जांच में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहनों की नियमित मरम्मत नहीं होने से कई बार वाहन रास्ते में खराब हो जाते हैं। जिससे यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
कार्यशाला भवन का निर्माण पूरा न होने के चलते अब तक कार्यशाला का संचालन डिपो परिसर में ही किया जा रहा है। डिपो के समीप स्कूल और आबादी क्षेत्र होने से कई बार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
.......कोट
डिपो में तकनीशियनों की कमी और कार्यशाला भवन को हस्तांतरित करने के संबंध में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। तकनीशियन मिलने के बाद परेशानी दूर होगी। - अनिल सिंह, प्रभारी डिपो कार्यशाला इंचार्ज बागेश्वर
.