बागेश्वर। रोडवेज डिपो बागेश्वर में सहायक महाप्रबंधक के कक्ष का ताला उद्घाटन के दिन के बाद से नहीं खुला है। डिपो के एजीएम का प्रभार अल्मोड़ा के एजीएम के पास है। परिवहन मंत्री के गृह क्षेत्र में ऐसा होने से लोगों में मायूसी है।
4 सितंबर 2022 को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने परिवहन मंत्री चंदन राम दास की मौजूदगी में डिपो को जनता को समर्पित किया था। दो करोड़ 88 लाख 83 हजार की लागत से बने भवन के उद्घाटन के दिन उत्तराखंड परिवहन निगम के एमडी दीपक जैन, महाप्रबंधन संचालन, प्रभारी एजीएम आदि मौजूद थे। उसी दिन डिपो भवन के प्रथम तल पर बना डिपो के सहायक महाप्रबंधक का कक्ष खुला था। सीेएम ने डिपो की कार्यशाला का निर्माण, पेट्रोल पंप की स्थापना और अधिकारी, कर्मचारियों की तैनाती का एलान किया था। उम्मीद थी कि परिवहन मंत्री के गृह क्षेत्र के डिपो की व्यवस्थाएं जल्द मुकम्मल होंगी, लेकिन पांच महीने 18 दिन बीतने के बाद भी डिपो का कामकाज पटरी पर नहीं आया है।
पहले डिपो भवन में स्टेशन का कर दिया था लोकार्पण
बागेश्वर। दो करोड़ 88 लाख 83 हजार की लागत से बने डिपो भवन का लोकार्पण 19 फरवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तत्कालीन परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की मौजूदगी में किया था, लेकिन तब रोडवेज डिपो के स्थान पर रोडवेज स्टेशन का उद्घाटन किया गया। भवन पर भी डिपो के स्थान पर स्टेशन लिखा गया। भवन पर आज भी स्टेशन लिखा है। बीते वर्ष 4 सितंबर को डिपो के उद्घाटन के बाद भवन पर उद्घाटन का शिलापट तो लगा दिया, लेकिन शिलापट 4 सितंबर 2022 का न होकर 19 फरवरी 2020 का है। उस पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों हुए लोकार्पण का उल्लेख है।
मंत्री के आश्वासन पर नजर
बागेश्वर। सूबे के परिवहन मंत्री स्थानीय विधायक चंदन राम दास का दावा है कि जल्द ही डिपो व्यवस्थित हो जाएगा। डिपो में सहायक महाप्रबंधक के साथ ही अन्य स्टाफ की तैनाती की जाएगी। 1.90 करोड़ की लागत से कार्यशाला और पेट्रोल पंप का निर्माण होगा। जिले से संचालित सभी 8 बस सेवाओं को डिपो के अधीन किया जाएगा।