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सड़कें बंद, मल्ला और विचल्ला दानपुर का संपर्क कटा

Thu, 30 Jun 2016 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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भूस्‍खलन - फोटो : amar ujala
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कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हर रोज हो रही बारिश से वहां लंबे समय से कई सड़कें बंद पड़ी हैं। यातायात की सुविधा नहीं होने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांव अलग थलग पड़े हैं। गांवों में ग्रामीणों को दूध, फल, सब्जी और मिट्टी तेल तक नसीब नहीं है। निर्माणाधीन शरण-बघर सड़क से बघर और ढोक्टी गांव को जाने वाला पैदल और खच्चर मार्ग ध्वस्त होने से गांवों में जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। पहाड़ी खिसकने से अनेक स्थानों पर ग्रामीणों को कई किमी घूमकर झाड़ियां पकड़ जाना पड़ रहा है। जिन लोगों के साथ छोटे छोटे बच्चे और सामान है उनकी हालत तो बहुत ही खराब हो गई है। 
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मालूम हो कि कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र में हर रोज कभी कम तो कभी तेज बारिश हो रही है। बारिश से कपकोट कर्मी, सोंग-बदियाकोट और लीती-गोगिना सड़क पहाड़ी खिसकने और मलबा भरने से जगह जगह बंद पड़ी हैं। हालांकि संबंधित सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें तो लगा रखी हैं लेकिन वहां मौसम अनुकूल नहीं रहने से मलबा हटाने के साथ ही फिर से मलबा भर जा रहा है। निर्माणाधीन शरण-बघर सड़क सेे तो पैदल रास्ता तक नहीं बचा है। सड़क और पैदल रास्तों के बंद होने से ग्रामीण जान हथेली पर रखकर जा रहे हैं। खड़ी चढ़ाई, मलबा और झाड़ियों को पकड़कर जाना पड़ रहा है। दुर्भाग्य से यदि किसी राहगीर का पांव फिसल गया तो उसके गहरी खाई में गिरने का खतरा बना है। सड़कों के बंद होने के कारण ग्रामीणों को सड़ी गली सब्जियां दूध और फल तक नहीं मिल पा रहे हैं। जिन गांवों में मिल भी रहे हैं वहां भारी भाड़ा के कारण दाम आसमान छू रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने कहा कि सड़कों को तेजी से खोलने की कई बार मांग कर दी लेकिन तेजी नहीं आ पा रही है। सड़कों के नहीं खुलने के कारण कर्मी, बघर, ढोक्टीगांव, डौला, तीख, उगियां, बदियाकोट, सोराग, किलपारा, कालो, बाछम आदि गांवों के लोग खासे परेशान हैं।
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