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Bageshwar News: 20 दिन से बंद सड़कों पर राशन-सब्जी का संकट, 15 गांवों में छाया रहा अंधेरा

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बागेश्वर। पर्वतीय क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। जिले में दो मुख्य ग्रामीण सड़कों को बंद हुए 20 दिन से अधिक का समय बीत गया है, जिससे प्रभावित इलाकों में राशन, सब्जी और गैस जैसी जरूरी सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। बृहस्पतिवार की रात कपकोट तहसील में सबसे अधिक 77 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके कारण शुक्रवार को जिले की 24 सड़कों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
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जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार कपकोट विधानसभा क्षेत्र में मलबा और बोल्डर आने से सबसे अधिक सड़कें बंद हुई हैं। इनमें धैना-लखनी और खातीगांव-देवतोली मार्ग पिछले 20 दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों के सामने रोजमर्रा की चीजों का संकट गहरा गया है। नरगड़ा निवासी तारा सिंह ने बताया कि सड़क बंद होने के साथ-साथ उनके गांव में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे लोगों के ऑनलाइन काम भी पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पोथिंग निवासी प्रकाश सिंह ने बताया कि सड़कों के बंद होने से ग्रामीण अपनी सब्जी को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। हालांकि, विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए शुक्रवार को 17 बंद मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया है।


इन मार्गों पर यातायात रहा ठप
बारिश के कारण धैना-लखनी, कपकोट-कर्मी, भानी-हरसिंग्याबगड़, खड़लेख-भनार, खातीगांव-देवतोली, कुचौली-टकनार, कमेड़ीदेवी-भैसूड़ी, बनलेख-गणुवासिरमोली, कपकोट-पिंडारी, सूपी-हरकोट, भयूं-गडेरा, हरसीला, धरमघर-माजखेत, धरमघर-सनगाड़, कमेड़ीदेवी-स्यांकोट, भयूं-गुलेर, नौकाना-बसेरा, पोथिंग, बड़ेत, गुलम-परगड़ और मुनार आदि मोटर मार्गों पर भारी बोल्डर और मलबा आने से आवाजाही बंद रही।
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दुग-नाकुरी के 15 गांवों में 15 घंटे रही बत्ती गुल
कांडा। दुग-नाकुरी तहसील के बनलेख स्थित विद्युत उप केंद्र में खराबी आने के कारण बृहस्पतिवार की शाम करीब छह बजे अचानक बिजली गुल हो गई। इसके चलते किड़ई, पचार, महोली, रीमा, कुरौली, बाफिलागांव, सुरकाली समेत क्षेत्र के 15 गांवों में अंधेरा छा गया। रातभर मूसलाधार बारिश के बीच ग्रामीणों को बिना बिजली के ही रात काटनी पड़ी। शुक्रवार सुबह नौ बजे विद्युत आपूर्ति सुचारू होने के बाद ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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