बागेश्वर। जिले की सीमा पर बसे कपकोट के ग्राम रातिरकेठी, गोगिना, कीमू के लोग परेशान हैं। क्षेत्र को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क 15 दिन से बंद है। सड़क कई स्थानों पर बह गई है। सड़क पर मलबा, पेड़ गिरे हैं।
शामा-लीती-गोगिना सड़क आठ अगस्त से बंद है। विनायक, सतगढ़, रातिरकेठी, काभड़ी में कई स्थानों में सड़क दरक गई है। सड़क में बड़ी-बड़ी दरार पड़ी है। सड़क पर मलबा अटका है। कई पेड़ भी गिरे हैं। इन्हें नहीं हटाया जा सका है। सड़क बंद होने से क्षेत्र में आवश्यक सामान की किल्लत हो गई है। गोगिना की प्रधान शीतल रौतेला ने बताया कि सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोग संकट में हैं। सड़क को खोलने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जाने चाहिए।
बागेश्वर में यह सड़कें हैं बंद
शामा-लीती-गोगिना, सानिगाड़-बास्ती, शामा-लीती, धपोली-जेठाई, खातीगांव-कपूरी, कपकोट-कर्मी-तोली, रिखाड़ी-बाछम, तल्लीसेरा-सिमतोली, रौल्याना-लोहागढ़ी।
शामा से तीन किमी आगे लोनिवि के अधीन सड़क पर पहाड़ी खिसकी है। सड़क 30 मीटर तक धंस गई है। उक्त स्थान से जेसीबी आगे नहीं जा पा रही है। मौके पर जेसीबी भेजने का प्रयास किया जा रहा है। उसके बाद आगे क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक किया जाएगा।
- अनिल कुमार, ईई, पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट।
सड़क निर्माण से भैंसखाली में हो रहा नुकसान
बागेश्वर। कपकोट के सरयू घाटी के भैंसखाली (सलिंग) निर्माणाधीन केठी-काफली-कमेड़ा सड़क से जबरदस्त नुकसान हो रहा है। तपानी की योजना के साथ ही बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने क्षेत्र भ्रमण कर लापरवाही पर रोष जताया है। उन्होंने बताया है कि गांव की जमीन में बड़ी दरारें आ गई हैं। एक ही पहाड़ी पर चार बार सड़क घुमाई गई है। गांव में पिछले दो हफ्ते से बिजली और पेयजल आपूर्ति बंद है। गांव के लोग परेशान हैं। प्रशासन और विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकारी महकमों की उदासीनता जनता के हित में नहीं है। वह इसका विरोध करते हैं। उन्होंने गांव के लोगों से मुलाकात कर विभाग और प्रशासन के सामने मामला उठाने की बात कही। भ्रमण में दयाल द्याराकोटी, प्रमोद जोशी, तारा सिंह, शोबन सिंह, दुर्गा द्याराकोटी, ललित द्याराकोटी आदि थे।